क्योंकि जब मैं रोता हूँ तो ये कभी नहीं हस्ता…!!!
और पागल इतनी है कि फिर से यकीन कर लेते हैं…!
रूह तक उतारते उतारते जिस्म को खोखला कर गया
सिर्फ़ इतना दर्द है कि टूटने वाला हम थे और वजह कोई और।”
इस शहर में जीने के अंदाज़ भी क्या निराले हैं,
हर कोई उसे नज़रअंदाज़ कर के ही चला जाता है…
जिसे छोड़ देते हैं… उसी को सबसे ज़्यादा याद करता है।
और एक हमारा प्यार है जिसे आप अपने दिल में जगह नही देती।
मगर क्या करूँ, मैं अपनी मोहब्बत से हारा हूँ।
दूर रहकर भी वो दिल जलाने से बाज़ नहीं आते,
ये दर्द मेरा है… इसे मैं अकेले सह लूँगा,
किसी के पास सब कुछ होने पर भी दिल खाली रह जाता है,
मुझे देख कर मेरे गम बोले बड़ी देर लगा दी आने Sad Shayari in Hindi में…!
इस दुनिया की हलचल से कहीं दूर चला जाऊँ…